भीमवादी का बुद्ध पर चुप्पी
दुर्गा एक वेश्या थी, लेकिन बुद्ध की अम्मा के योनि में दारु के नशे में सफेद हाथी घुस गया, ये हम नहीं बतायेंगे।
बुद्ध की अम्मा ने बुद्ध के जन्म के कुछ दिन पहले दारु पीना छोड़ दिया। (मैं नहीं राहुल सांकृत्यायन ने ऐसा लिखा है)
शूद्र पर हमने अत्याचार किये मगर बुद्ध ने महासुदर्शन सुत्त ,महागोविंद सुत्त में कहा है कि शूद्र का काम द्विजों की सेवा करना है- ये हम नहीं बतायेंगे।
बुद्ध ब्राह्नण कहते थे खुद को, यही नहीं, सुत्तनिपात सुंदरिकभारद्वाज सुत्त में ब्राह्मण बनकर दान भी लेते हैं, ये हम नहीं बतायेंगे।
बुद्ध की जातक कथाओं में ४००+ से अधिक उनके पिछले जन्म की बातें हैं, पर एक भी बुद्ध का जन्म भंगी,चमार,शूद्र के यहां नहीं होता।
बुद्ध केवल ब्राह्मण या क्षत्रिय कुल में जन्म लेता है- ये राहुल सांकृत्यायन का बयान हम आरक्षण की तरह चाट लेंगे।
मनु स्त्री विरोधी था। पर बुद्ध औरतों को धर्म के क्षेत्र में कीड़ा कहता है, उनको मोक्ष का अधिकार नहीं है कहता है।
कहता है कि स्त्री से बेहतर है कि तुम एक चांडाल या पिशाच से बात कर लो। (लगता है अपनी अम्मा की बदचलनी का गुस्सा था)
पत्नियों में दासी रूप पत्नी सबसे उत्तम है। औरतें बुद्ध नहीं बन सकती, औरत के शरीर में बिलकुल नहीं।
ये बुद्ध ने महिला एंपावरमेंट के वचन कहे थे, हम इनको दबा लेंगे पर मनु को जी भरकर गाली देंगे जिसने कहा-
"यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंते तत्र देवता"
राम ने सीता का त्याग किया, ये उत्तरकांड की झूठी बात हम भोकाल मचायेंगे, पर बुद्ध अपनी पत्नी को प्रेगनेंट करके संन्यासी बन गया , ये नहीं बतायेंगे।
राम की ८००० कृष्ण की १६००० पत्नी बनायेंगे, जिनका प्रमाण केवल चुलनिवासी सड़कछाप पुस्तकों में है,
पर ललितविस्तर और अट्टकथा के अनुसार जो लिखा है कि बुद्ध की सेवा में २०००० कन्यायें दे दीं(राम और कृष्ण भी फेल कर दिये!) वो हम न बतायेंगे।
हिंदू देवता चरित्रहीन थे, पर भी बुद्ध का खानदान और वो स्वयं अपनी बहनों से विवाह करते थे,
ताकि उनकी वंशशुद्धि हो, और बुद्ध जानवरों से मैथुन करता था- ये नहीं बतायेंगे ।
फिर भी बुद्ध सबसे महान है, और राम कृष्ण आदि झूठे और गलत देवता है।साभार कार्तिक अय्यर
बुद्ध की अम्मा ने बुद्ध के जन्म के कुछ दिन पहले दारु पीना छोड़ दिया। (मैं नहीं राहुल सांकृत्यायन ने ऐसा लिखा है)
शूद्र पर हमने अत्याचार किये मगर बुद्ध ने महासुदर्शन सुत्त ,महागोविंद सुत्त में कहा है कि शूद्र का काम द्विजों की सेवा करना है- ये हम नहीं बतायेंगे।
बुद्ध ब्राह्नण कहते थे खुद को, यही नहीं, सुत्तनिपात सुंदरिकभारद्वाज सुत्त में ब्राह्मण बनकर दान भी लेते हैं, ये हम नहीं बतायेंगे।
बुद्ध की जातक कथाओं में ४००+ से अधिक उनके पिछले जन्म की बातें हैं, पर एक भी बुद्ध का जन्म भंगी,चमार,शूद्र के यहां नहीं होता।
बुद्ध केवल ब्राह्मण या क्षत्रिय कुल में जन्म लेता है- ये राहुल सांकृत्यायन का बयान हम आरक्षण की तरह चाट लेंगे।
मनु स्त्री विरोधी था। पर बुद्ध औरतों को धर्म के क्षेत्र में कीड़ा कहता है, उनको मोक्ष का अधिकार नहीं है कहता है।
कहता है कि स्त्री से बेहतर है कि तुम एक चांडाल या पिशाच से बात कर लो। (लगता है अपनी अम्मा की बदचलनी का गुस्सा था)
पत्नियों में दासी रूप पत्नी सबसे उत्तम है। औरतें बुद्ध नहीं बन सकती, औरत के शरीर में बिलकुल नहीं।
ये बुद्ध ने महिला एंपावरमेंट के वचन कहे थे, हम इनको दबा लेंगे पर मनु को जी भरकर गाली देंगे जिसने कहा-
"यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंते तत्र देवता"
राम ने सीता का त्याग किया, ये उत्तरकांड की झूठी बात हम भोकाल मचायेंगे, पर बुद्ध अपनी पत्नी को प्रेगनेंट करके संन्यासी बन गया , ये नहीं बतायेंगे।
राम की ८००० कृष्ण की १६००० पत्नी बनायेंगे, जिनका प्रमाण केवल चुलनिवासी सड़कछाप पुस्तकों में है,
पर ललितविस्तर और अट्टकथा के अनुसार जो लिखा है कि बुद्ध की सेवा में २०००० कन्यायें दे दीं(राम और कृष्ण भी फेल कर दिये!) वो हम न बतायेंगे।
हिंदू देवता चरित्रहीन थे, पर भी बुद्ध का खानदान और वो स्वयं अपनी बहनों से विवाह करते थे,
ताकि उनकी वंशशुद्धि हो, और बुद्ध जानवरों से मैथुन करता था- ये नहीं बतायेंगे ।
फिर भी बुद्ध सबसे महान है, और राम कृष्ण आदि झूठे और गलत देवता है।साभार कार्तिक अय्यर
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