भीमवाद का गुलाम बनता ओबीसी वर्ग
वर्तमान समय के परिपेक्ष्य में औबीसी युवाओं के जनचेतना की झलक
👉 औबीसी समाज का बच्चा जय भीम बोलेगा पर भीमवादियों से भीम के ओबीसी समाज के प्रति भीमकाय भेदभाव पर एक शब्द भी नहीं पुछेगा।।
👉ओबीसी का बच्चा मनुवाद बभनवाद दलित वाद में अभिरुचि काफी रखेगा पर कभी यह जानने की कोशिश नहीं करेगा ये सब से उसका और उसके आने वाले वंशंजों का क्या भला होने वाला है
👉ओबीसी का बच्चा नीलझंडा उठाएगा पर कभी यह नहीं जानना चाहेगा की कि नील झंडा क्या उसे एस सी एस टी एक्ट और क्रीमीलेयर जैसे संवैधानिक कुप्रथाओं से बचाएगा कि नहीं
👉ओबीसी का बच्चा आरक्षण आरक्षण चिल्लाएगा तो जरूर पर कभी यह नहीं जानना चाहेगा कि उसके आरक्षण का 89% आज के समय में माइनरटी किसी हक से पा रहे हैं
👉ओबीसी का बच्चा संविधान में आस्था तो रखेगा पर कभी यह नहीं जानना चाहेगा कि उस संविधान मे उसके लिए कितनी असमरुपता भेदभाव और कठोर
नियम कानून बनाए गया है
👉ओबीसी का बच्चा पार्टि पालटिक्स में तो रहेगा पर अपने एम पी एम एल ए
से ये नहीं जानना चाहेगा कि अमुख एम पी या एम एल ए ने उसे अपने शासन काल के दौरान क्या दिया और क्यों नहीं दिया
👉ओबीसी का बच्चा हर न्यूज को सुनेगा पर कभी उस न्यूज के वरिष्ठ पत्रकार से यह नहीं जानना चाहेगा कि की संवैधानिक शुद्र के बच्चे को इंटरनेशनल ईशु बनने वाला न्यूज के लिए एक ओबीसी बच्चे की मौत एक तमाशा भर तक क्यों रह जाती है
👉ओबीसी का बच्चा पढाई लिखाई तो जमकर करेगा पर यह कभी नहीं जानना चाहेगा कि क्यों वो.75% लाकर भी अयोग्य हो जाता है दुसरी ओर माईनस मार्क पाने वाला संवैधानिक शुद्र कौ योग्य बता दिया जाता है
👉
ओबीसी का बच्चा हर सरकारी योजनाओं की जानकारी तो रखेगा पर उस सरकारी योजनाओं का लाभ संवैधानिक शुद्रौ को सिर्फ क्यों ईस पर जानना पसंद नहीं करेगा
👉औबीसी का बच्चा हर जगह सवर्ण समाज के माफीक तो खर्च करेगा पर यह नहीं जानना चाहेगा कि संवैधानिक शुद्रों के बच्चों को सबकुछ फ्री और भारी भरकम सुविधाओं के साथ गाढी स्कोलरशिप क्यो
👉ओबीसी का बच्चा भीम थ्योरी तो पढेगा पर अपने समाज के महापुरुष को पढने से कतराएगा
👉
ओबीसी का बच्चा वोट डालेगा पर कभी यह नहीं जानना चाहेगा कि लोक सभा राज्य सभाकी सीटें उसके लिए अनारक्षित क्यों
👉 ओबीसी का बच्चा हर जगह संघर्ष तो कर जाएगा पर कभी यह नहीं सोचेगा की आज उसे ईतना संघर्ष क्यों और किसलिए करना पड़ रहा है।।।
और संवैधानिक शुद्र के बच्चों के लिए संघर्ष नाम मायने क्यों नहीं रखता
।।।।
तो हमारे ओबीसी समाज के बच्चों युं ही बने रहो और आगे भी लगे रहो
और हां हो सके तो अपने आने वाले वंशंजों की आंख में आंख मिलाकर बात करने की हिम्मत रख लेना।।।।
जय ओबीसी
जय संपुर्ण समाज
-^- -^-
👉 औबीसी समाज का बच्चा जय भीम बोलेगा पर भीमवादियों से भीम के ओबीसी समाज के प्रति भीमकाय भेदभाव पर एक शब्द भी नहीं पुछेगा।।
👉ओबीसी का बच्चा मनुवाद बभनवाद दलित वाद में अभिरुचि काफी रखेगा पर कभी यह जानने की कोशिश नहीं करेगा ये सब से उसका और उसके आने वाले वंशंजों का क्या भला होने वाला है
👉ओबीसी का बच्चा नीलझंडा उठाएगा पर कभी यह नहीं जानना चाहेगा की कि नील झंडा क्या उसे एस सी एस टी एक्ट और क्रीमीलेयर जैसे संवैधानिक कुप्रथाओं से बचाएगा कि नहीं
👉ओबीसी का बच्चा आरक्षण आरक्षण चिल्लाएगा तो जरूर पर कभी यह नहीं जानना चाहेगा कि उसके आरक्षण का 89% आज के समय में माइनरटी किसी हक से पा रहे हैं
👉ओबीसी का बच्चा संविधान में आस्था तो रखेगा पर कभी यह नहीं जानना चाहेगा कि उस संविधान मे उसके लिए कितनी असमरुपता भेदभाव और कठोर
नियम कानून बनाए गया है
👉ओबीसी का बच्चा पार्टि पालटिक्स में तो रहेगा पर अपने एम पी एम एल ए
से ये नहीं जानना चाहेगा कि अमुख एम पी या एम एल ए ने उसे अपने शासन काल के दौरान क्या दिया और क्यों नहीं दिया
👉ओबीसी का बच्चा हर न्यूज को सुनेगा पर कभी उस न्यूज के वरिष्ठ पत्रकार से यह नहीं जानना चाहेगा कि की संवैधानिक शुद्र के बच्चे को इंटरनेशनल ईशु बनने वाला न्यूज के लिए एक ओबीसी बच्चे की मौत एक तमाशा भर तक क्यों रह जाती है
👉ओबीसी का बच्चा पढाई लिखाई तो जमकर करेगा पर यह कभी नहीं जानना चाहेगा कि क्यों वो.75% लाकर भी अयोग्य हो जाता है दुसरी ओर माईनस मार्क पाने वाला संवैधानिक शुद्र कौ योग्य बता दिया जाता है
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ओबीसी का बच्चा हर सरकारी योजनाओं की जानकारी तो रखेगा पर उस सरकारी योजनाओं का लाभ संवैधानिक शुद्रौ को सिर्फ क्यों ईस पर जानना पसंद नहीं करेगा
👉औबीसी का बच्चा हर जगह सवर्ण समाज के माफीक तो खर्च करेगा पर यह नहीं जानना चाहेगा कि संवैधानिक शुद्रों के बच्चों को सबकुछ फ्री और भारी भरकम सुविधाओं के साथ गाढी स्कोलरशिप क्यो
👉ओबीसी का बच्चा भीम थ्योरी तो पढेगा पर अपने समाज के महापुरुष को पढने से कतराएगा
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ओबीसी का बच्चा वोट डालेगा पर कभी यह नहीं जानना चाहेगा कि लोक सभा राज्य सभाकी सीटें उसके लिए अनारक्षित क्यों
👉 ओबीसी का बच्चा हर जगह संघर्ष तो कर जाएगा पर कभी यह नहीं सोचेगा की आज उसे ईतना संघर्ष क्यों और किसलिए करना पड़ रहा है।।।
और संवैधानिक शुद्र के बच्चों के लिए संघर्ष नाम मायने क्यों नहीं रखता
।।।।
तो हमारे ओबीसी समाज के बच्चों युं ही बने रहो और आगे भी लगे रहो
और हां हो सके तो अपने आने वाले वंशंजों की आंख में आंख मिलाकर बात करने की हिम्मत रख लेना।।।।
जय ओबीसी
जय संपुर्ण समाज
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